sach ke liye sach ke sath

Just another Jagranjunction Blogs weblog

72 Posts

18 comments

Rajiv Kumar Ojha


Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.

Sort by:

राजनीति को दागियों से मुक्त करने का सही वक्त

Posted On: 7 Jan, 2017  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

चुनाव आयोग की अग्नि परीक्षा

Posted On: 5 Jan, 2017  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

सियासी घमासान में धरती पर धरती पुत्र

Posted On: 2 Jan, 2017  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

आत्म मंथन करे मीडिया जगत

Posted On: 31 Dec, 2016  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 4.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

महाभारत पार्ट -2

Posted On: 29 Dec, 2016  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 3.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

जबरिया कैश लेश थोपना ज्यादती

Posted On: 26 Dec, 2016  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

कैसे हो राजनैतिक मैली गंगा का शुद्धिकरण?

Posted On: 24 Dec, 2016  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

संसद की हार : सत्ता के नंगे नाच के नाम रहा सत्र

Posted On: 16 Dec, 2016  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

प्रधान मंत्री जी ! झूठ के पाँव नहीं होते

Posted On: 13 Dec, 2016  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

1 Comment

Page 3 of 8«12345»...Last »

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

हिन्दू धर्म के ठेकेदार भाई प्रकाश सिंह जी ! आपकी भाषा आपके संस्कार ,आपके व्यक्तित्व का आईना हैं। सच को स्वीकार करने के लिए मन मष्तिष्क पर हिन्दू -मुस्लिम की सतही सोंच सवार हो तब ऐसी ही प्रतिक्रिया सामने आती है। अब तक तो देश भक्ति की सनद बांटने वाले सिरफिरों को ही जानता था ,वन्धु श्रेष्ठ आपका आभार आपने एक नयी प्रजाति का परिचय प्राप्त करने का सुअवसर दिया जो हिन्दू होने की सनद बांटती है। फिलहाल मुझे आप जैसे महान विद्वान से किसी प्रमाण पत्र की जरुरत नहीं है। प्रभो आप तो त्रिकालदर्शी हो ,न होते तब कैसे जानते की मैं क्या था ,क्या हूँ ,क्या रहूंगा ? आपने अपने संस्कारों का परिचय दिया। आपको धन्यवाद।

के द्वारा: Rajiv Kumar Ojha Rajiv Kumar Ojha




latest from jagran